EV Charging Stations को अब एक जरुरत के रूप में देखा जाने लगा है क्योकि अब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, हमारे देश में पर्याप्त Public EV Charging Infrastructure नहीं है। जनवरी, 2023 तक, भारत में कुल 20.65 लाख EVs के लिए 5,254 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन थे। इसका मतलब है कि देश में हर 393 इलेक्ट्रिक वाहनों पर एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन है।
EV के लिए बिजली पेट्रोल और डीजल की तुलना में 45% सस्ती है। लेकिन, इसके लिए पूरे देश में charging stations के बुनियादी ढांचे को स्थापित करने की आवश्यकता है। इलेक्ट्रिक 2- और 3-व्हीलर्स की संख्या अधिक है, जिन्हे आमतौर पर घर पर चार्ज किया जाता है , लेकिन Electric cars की बढ़ती हुई डिमांड्स की वजह से विभिन्न शहरों में EV charging stations की demand भी तेजी से बढ़ रही है
जिस तरह से आज हम पेट्रोल cars का उपयोग बिना किसी टेंशन के कर सकते है, शायद आनेवाले समय में इसी तरह से हम EVs का उपयोग कर पाएंगे। लेकिन इसके लिए भारत में सार्वजानिक चार्जिंग stations के infrastructure को develope करना बहुत जरुरी है EV charging station में सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर होते है जिनकी वजह से electric वाहनों की सुरक्षित चार्जिंग सुनिश्चित करते हैं।
किस राज्य में कितने EV charging stations है?
देश में, कर्नाटक में सबसे अधिक 774 EV चार्जिंग स्टेशन हैं इसके बाद महाराष्ट्र में 660, दिल्ली में 539 और तमिलनाडु में 442 स्टेशन हैं।हालांकि, आंकड़ों के अनुसार, देश में अधिकांश ईवी, उत्तर प्रदेश में हैं। हालाँकि, राज्य में केवल 406 सार्वजनिक EV charging stations हैं, मतलब, लगभग 1,103 elecric cars के लिए एक चार्जिंग स्टेशन है। यूपी के अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन, तिपहिया वाहन हैं, जिनमें ई-रिक्शा शामिल हैं। राज्य में 43,036 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भी हैं। राज्य में इलेक्ट्रिक कारों और अन्य बड़े वाहनों की संख्या भी काफी कम है।
फरवरी, 2023 तक, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक और राजस्थान में क्रमशः 2.12 लाख, 1.97 लाख, 1.71 लाख और 1.36 लाख पंजीकृत ईवी हैं। दिल्ली और राजस्थान में भी यूपी की तरह अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन दोपहिया और तिपहिया हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में महाराष्ट्र और कर्नाटक में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का अनुपात कम है। महाराष्ट्र में 17,216 और कर्नाटक में 10,249 इलेक्ट्रिक कारें हैं।
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Top EV Charging Stations companies in India
यहाँ तक हमने भारत में EV Charging Stations के महत्व को देखा है। आइए अब नजर डालते हैं उन companies पर जो Green Energy के सरकारी उद्देश्यों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं:
TATA Power
जब EV Charging Stations की बात आती है तो कोई अन्य ब्रांड भारत में टाटा पावर के रूप में प्रसिद्ध नहीं है। Charging Stations के सबसे popular companies में से एक, टाटा के पास हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली सहित 15+ राज्यों के 180 शहरों में फैले 1000 से अधिक स्टेशनों का नेटवर्क है।
OLA charging stations
OLA EV मार्केट में बढ़त देख रही है, और उसका लक्ष्य है कि दिसंबर 2023 तक एक बड़े चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार हो जाएगा।OLA की योजना है कि वे 4,000 से ज़्यादा हाइपर-चार्जर्स रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्सेस और सरकारी BPCL गैस स्टेशनों में लगाएंगे। OLA ई-स्कूटर खरीदने वालों के लिए यह जरूर एक शानदार न्यूज़ है
Ather
2013 में, तरुण मेहता और स्वप्निल जैन ने एथर एनर्जी की स्थापना की। Ather 450X और Ather 450 प्लस दो इलेक्ट्रिक स्कूटर हैं जो इस कंपनी द्वारा निर्मित किए जाते हैं। फर्म पहले से ही बेंगलुरु और चेन्नई में एक चार्जिंग स्टेशन का संचालन करती है।
वे अगले कुछ महीनों में कोयंबटूर, हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता, मुंबई, कोच्चि, एनसीआर और पुणे में विस्तार करेंगे। इन charging stations का उपयोग करने के लिए जरूरी नहीं की आपके पास Ather का ही इ-स्कूटर हो, आप कोई भी electronic vehicle Ather charging stations पर चार्ज कर सकेंगे
Delta Electronics
डेल्टा ग्रुप AC EV Charger, DC rapid charger और साइट मैनेजमेंट सिस्टम सहित energy efficient ईवी चार्जिंग solutions प्रदान करता है। कंपनी के पास Power Technology में 40 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
Delta के EV चार्जर्स ने UL, IEC, CHAdeMO, CQC, और CNS जैसे संगठनों से अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमाणन प्राप्त किया है। वे 94% तक की उच्च-प्रदर्शन शक्ति दक्षता भी प्रदान करते हैं ।
Mass-Tech Controls
Mass-Tech Controls एक ऐसी कंपनी है जो industrial इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोप्रोसेसर सॉफ्टवेयर के उत्पादन करती है। Mass-Tech में इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए DC fast charger शामिल हैं। जिनके पावर की रेंज 10kW से 200kW तक है।
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